BJP नेता ने अंबेडकर की मूर्ति को पहनाया माला, तो दलितों के समूह ने दूध और गंगाजल से किया शुद्ध

BJP नेता ने अंबेडकर की मूर्ति को पहनाया माला, तो दलितों के समूह ने दूध और गंगाजल से किया शुद्ध
New Delhi: उत्तर प्रदेश मेरठ के दलित वकीलों के एक समूह द्वारा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को दूध और गंगाजल से नहलाने का मामला सामने आया है।

दरअसल मामला यह है कि भाजपा के राज्य सचिव सुनील बंसल ने मेरठ स्थित बीआर अंबेडकर की मूर्ति को माला पहनाया था। जिसके तुरंत बाद दलित वकीलों के एक समूह ने दूध और गंगा जल से नहलाकर मूर्ति को शुद्ध किया। वकीलों ने बताया कि भाजपा राज्य सचिव के मूर्ति को माला पहनाने की वजह से शहर के कोर्ट परिसर में स्थित बााबा साहब की मूर्ति अशुद्ध हो गई थी।

समाचार एजेंसी एएनआई से अपनी बातचीत में वकीलों ने कहा कि हम इस मूर्ति को इसलिए भी शुद्ध कर रहे हैं कि संघ के नेता राकेश सिन्हा यहां आए थे और इस पर माला चढ़ाया था। भाजपा दलितों का दमना करती हैं उनका अंबेडकर से कोई लेना देना नहीं है। मगर वे लोग प्रचार करने और दलित समुदाय को लुभाने के लिए बाबा साहब के नाम का इस्तेमाल करते  है जबकि उनके दिल में बाबा साहब के लिए कोई सम्मान नहीं है। 

यह कोई पहली घटना नहीं है इससे पहले गुजरात के वडोदरा में भीमराव अंबेडकर की 127 वीं जयंती पर मेनका गांधी और भाजपा के अन्य नेताओं के उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के तुरंत बाद दलित समुदाय के कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा को धोकर साफकिया था। एक दलित नेता ने यहां तक दावा किया था कि इन लोगों की मौजूदगी से वहां का महौल दूषित हो गया था।

बीते दिनों उत्तर प्रदेश के ही हमीरपुर में बीजेपी विधायक मनीषा अनुरागी मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं, जिसके बाद मंदिर को गंगाजल से धोया गया और मूर्ति को शुद्ध रने के लिए इलाहाबाद भेजा गया। जिसके बाद मूर्ती की फिर स्थापना की गई और गांव में भंडारा किया गया।  इसके पीछे यह तर्क दिया गया कि राठ इलाके के इस मंदिर में महिला के प्रवेश पर रोक है। क्योंकि यह एक महाभारतकालीन मंदिर है।