आपकी सेहत के लिए बड़े काम का है आसानी से मिलने वाला ये फूल, आपको भी मिले तो इग्नोर ना करें

New Delhi: अपने आसपास ऐसे कई पौधे और फूल होते हैं, ज‍िन्‍हें हम केवल अपने घर के आसपास सुंदरता बढ़ाने के ल‍िए ही उपयोग में लाते हैं। लेक‍िन इनमें कई पौधे व फूल ऐसे भी होते हैं, जो आसानी से भी म‍िल जाते हैं और ये बीमारी ठीक करने के भी काम आते हैं।  आज हम आपको जिस फूल के बारे में बता रहे हैं वो बेहद लाभकारी है। हो सकता है आपने इसे सामान्य सा फूल समझकर इग्नोर कर दिया होगा, लेकिन सच जानकर आप भी इस फूल को कभी इग्नोर नहीं करेंगे।  हम बात कर रहे हैं गुड़हल के फूल की। 

गुड़हल के फूल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, आयरन, खनिज, शरीर को कई बीमारियों से राहत दिलाने में रोगी की मदद करते हैं। इसमें विटामिन सी की मात्रा भी प्रचुर मात्रा में होती है। इस फूल का शरबत व चाय बनाकर भी पी सकते हैं। गुड़हल का फूल हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है।

गुड़हल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण कई तरह की बीमारियों से राहत दिलाने में मदद करते हैं। एटिऑक्सीडेंट हमारे शरीर में मौजूद ऊतकों में फ्री रेडिकल को निष्क्रिय करते हैं ताकि शरीर को कई बीमारियों से बचाया जा सके। इसकी चाय व शरबत का सेवन करना चाह‍िए। इससे त्‍वचा संबंधी कई रोगों में मदद म‍िलती है। इससे झुर‍िरयों की समस्‍या भी दूर होती है। यह त्वचा की नमी को दोबारा वापिस लाने में मदद करता हैं। गुड़हल के फूल का प्रयोग घाव को भरने में भी काफी लाभदायक माना जाता है।

गुड़हल हाई ब्लड प्रेशर को ठीक करने में भी प्रयोग होता है। गुड़हल में विटामिन सी और खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा गुड़हल की जड़े चबाने से मुहं के छालों से भी राहत म‍िलती है। इसे सफेद दाग के रोग में प्रयोग क‍िया जा रहा है।  इससे कॉलेस्ट्रॉल, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और गले के संक्रमण जैसे रोगों का इलाज किया जाता है। गुड़हल से बनी चाय को प्रयोग सर्दी-जुखाम और बुखार आदि को ठीक करने के लिए प्रयोग की जाता है। इससे बनी हर्बल टी से हाई ब्‍लड प्रेशर को कम क‍िया जा सकता है और बढे हुए कोलेस्‍ट्रॉल को भी घटाया जा सकता है।

गुड़हल के फूलों का असर बालों को स्‍वस्‍थ्‍य बनाने के लिये भी होता है। इसे पानी में उबाला जाता है और फिर लगाया जाता है जिससे बालों का झड़ना रुक जाता है। यह एक आयुर्वेद उपचार है। इसका प्रयोग केश तेल बनाने मे भी किया जाता है। गुड़हल के फूलों को सुखाकर बनाया गया पावडर को पित्त की पथरी को दूर करने के लिए भी प्रयोग किया जाता है। यदि चेहरे पर बहुत मुंहसे हो गए हैं तो लाल गुड़हल की पत्‍तियों को पानी में उबाल कर पीस लें और उसमें शहद मिला कर त्‍वचा पर लगाएं।

 

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