नमाज का समय था और जाम में फंसे थे मुस्लिम,देख हिंदुओं ने खोले मंदिर के द्वार,कहा-सब भाई एक हैं

New Delhi: हिंदू और मुस्लिम के बीच आपसी सौहार्द का एक ऐसा उदाहरण बुलंदशहर के जैनपुर गांव में देखने को मिला, जो एकता का मिसाल बन गया। दरअसल वहां पर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग जाम में फंस गए थे और चाहकर भी समय पर नमाज की जगह नहीं पहुंच सकते थे। हिंदुओं से मुस्लिम भाईयों की परेशानी नहीं देखी गई। मुस्लिम भाईयों को इधर से उधर भटकता देख हिंदुओं से रहा नहीं गया। उन्होंने हिंदु मुस्लिम भाई-भाई कहावत को चरितार्थ कर  दिया है। 

बुलंदशहर में बीते कुछ  महीने पहले अर्न्तराष्ट्रीय धार्मिक आयोजन इज्तेमा शुरू हुआ था। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में मुस्लिम अलग अलग जगहों से पहुंच रहे थे। इसमें से जब कुछ मुस्लिम जैनपुर गांव के नजदीक पहुंचे तो उस वक्त इज्तेमा में जाने वाले मुस्लिमों की इतनी भीड़ थी कि रास्ते में आगे लंबा जाम लग गया। यह देखकर समय पर नमाज पढ़ने के लिए इज्तेमा नहीं पहुंच पाने की स्थिती को देखकर मुस्लिमों ने वहां के हिंदुओं से नमाज पढ़ने की इजाजत मांगी।

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वहीं इसको लेकर गांव के प्रधान गंगा प्रसाद ने बताया कि हम सभी ने शिव मंदिर कैंपस के पास नमाज पढ़वाने का फैसला किया था। साथ ही नमाज पढ़ने से पहले वहां पर पानी का भी इतंजाम किया, ताकि उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत न हो। वहीं शिव मंदिर के पुजारी अमर सिंह वैद्ध ने जानकारी देते हुए कहा कि जितने भी लोग यहां पर आए थे, सभी ने यहां पर नमाज पढ़ा।

गौरतलब  है कि 10 देशों से ज्यादा लोग बुंलदशहर के दरियापुर अढोली मे हो रहे आलमी इज्तेमा में पहुंचे थे। 1 दिसंबर से शुरू हुआ आलमी इज्तेमार आज यानि 3 दिसंबर को समाप्त होगा। माना जा रहा है कि इस धार्मिक कार्यक्रम में बीते रविवार को पांच हजार जोड़ो के निकाह कराए गए थे।

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