वजन घटाते समय इन अफवाहों को करें नजरअंदाज, आपके काम की खबर है ये…जरूर पढ़ें

New Delhi: हमारे आस-पास परफैक्ट फिटनेस टिप्स देने वाले काफी फिटनेस गुरु हमेशा ही मौजूद होते हैं, लेकिन हमेशा ध्यान रखें कि बेहतर फिटनेस पाने के लिए डाइट का बहुत बडा हाथ होता है। फिटनेस स्पेशलिस्ट की मानें तो हर इंसान को अपना डाइट चार्ट अपने बॉडी टाइप के हिसाब से ही निर्धारित करना चाहिए। अधिक जानकारी के लिए फिटनेस फ्रीक किसी भी डाइटीशियन या फिर फिटनेस एक्सपर्टस् को सलाह-मशवरा कर लेना चाहिए।

फिटनेस के दौरान कुछ लोग क्रैश डाइट वर्क पर यकीन करने लगते हैं, लेकिन इस रास्ते को अपनाने से ना सिर्फ आपका वजन बढ़ेगा, साथ में आप कार्टिसोल और तनाव की चपेट में भी आ सकते हैं। हालांकि, वजन घटाने के संबंध में कई प्रकार की गलत अफवाहें फैलती रहती हैं, जिन्हें आंख मूंद करके फॉलो करना खतरनाक साबित हो सकता है।

जाहिर है कि बेहतर जिंदगी ही एक हेल्दी लाइफ की मिसाल होती है, इसलिए आज हम आपको वजन घटाने से संबंधित उन अफवाहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके कारण आपका वजन घटाने का सपना अधूरा रह जाता है- मेटाबॉलिज्म का संबंध जीन्स से  है- हर व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म अलग होता है क्योंकि हर इंसान धीमे या तेज मेटाबॉलिज्म लेकर पैदा होता है। इसलिए इंसान की जीवनशैली भी मेटाबॉलिज्म से संबंधित होती है, जीन्स से नहीं।

रात में धीमा होता है मेटाबॉलिज्म- ऐसी कई रिसर्च सामने आ चुकी हैं जो कहती हैं कि रात में मेटाबॉलिजम धीमा होता है, इसलिए अगर हो सके तो रात को बेहतर और हल्का खाना ही खाना चाहिए। लेकिन बता दें कि फैटी फूड सिर्फ रात के समय ही नहीं बल्कि दिन के समय भी आपके शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।

हर दो घंटे में कुछ ना कुछ खाना- लोगों का मानना है कि शरीर की कार्यप्रणाली को बेहतर रखने के लिए इंसान को हर 2 घंटे में कुछ ना कुछ खाना चाहिए। लेकिन, इततनी डाइट लेते समय अपनी कैलोरीज पर जरूर ध्यान दें। बॉडी को डिटॉक्स करने से मेटाबॉलिज्म रीसेट होगा- डिटॉक्स ड्रिंक्स और फूड्स का काम शरीर से एंटीऑक्सडेंट्स हटाना होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मेटाबॉलिज्म अपना काम डिटॉक्स डाइट के हिसाब से नहीं करता।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *