कभी अखबार बेचकर खाते थे दो वक्त की रोटी, अब है करोड़ों का बिजनेस…खुद बदली अपने हाथों की लकीर

New Delhi:   क्या आप सोच सकते हैं एक अखबार बेचने वाला दिन में कितनी कमाई कर सकता है। शायद आपके पॉकेट मनी खर्चे से भी कम। कहते हैं इंसान मेहनत करके अपनी किस्मत खुद बदल सकता है। आसिफ अहमद की कहानी भी कुछ ऐसी ही है।  आसिफ ने अपने दम पर अपने हाथों की लकीर बदल डाली।  आसिफ ने अपना और अपने परिवार का पेट पालने के लिए अखबार बेचने से शुरुआत की थी, और आज करोड़ों के मालिक हैं। 

आसिफ की कहानी वाकई दिलचस्प है। आसिफ अहमद का जन्म चेन्नई के पल्ल्वरम में एक बहुत ही गरीब परिवार में हुआ था। घर की हालत देखते हुए इन्हें 12 साल की उम्र से ही काम करना पड़ा। आसिफ ने ना सिर्फ अखबार बेचकर जीवन  की शुरुआत की है बल्कि उन्होंने  जूते और सैंडिल बेचने का काम भी शुरू किया। इस काम को शुरू करने पर पहले तो काम चल पड़ा, लेकिन आसिफ को धीरे-धीरे इससे कहीं ज्यादा नुकसान होने लगा।

बिजनेस में घाटा होने की वजह से आसिफ को अपना और परिवार का पेट पालना मुश्किल हो गया था।  इसके बाद आसिफ शादियों और पार्टियों में बिरयानी बनाने का काम करने लगे।  फिर मौका था किस्मत बदलने का। आसिफ ने अपनी किस्मत मुंबई में आजमाने की सोची। वो जब मुंबई आए तो उनके पास केवल 4 हजार रुपए थे।

इन पैसों से वो मुंबई की सड़कों पर बिरयानी का ठेला लगाने लगे। धीरे-धीरे आसिफ की बिरयानी की खुशबू लोगों तक पहुंचने लगी। लोग इस बिरयानी के दीवाने हो गए। आसिफ की बिरयानी की सुगंध गली-गली में पहुंच गई। उनकी शहर में चर्चा होने लगी। कमाई अच्छी होने लगी, तो अब आसिफ ने किराए पर एक कमरा ले लिया और वहां से बिरयानी बेचनी शुरू कर दी। इसके बाद उन्होंने बैंक से लोन लेकर अपना बिरयानी आउटलेट खोल लिया। फिर आसिफ ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक उन्होंने 8 बिरयानी रेस्टोरेंट खोल लिया। इसके बाद आसिफ को कभी पैसों की कमी नहीं हुई। जीरो से शुरू किया बिजनेस आज करोड़ों में खेल रहे हैं आसिफ।

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