24 घंटे बिना खाए-पीए पकड़े थे डकैट, टीम बनाकर 15 गैंग का सफाया किया था IPS अनंत ने

New Delhi: IPS अनंत देव अपराध को एक रोग मानते हैं। कहते हैं, इसका इलाज न होना घा’तक है। अपराधियों को उनकी भाषा में समझाना और आम जनता को प्यार से समझाया जाना चाहिए। डकैतों की बोली IPS अनंत देव तिवारी की गो’ली ने खामोश कर दी थी। आज हम आपको IPS अनंत देव की ऐसी दिलचस्प कहानी बता रहे हैं जिसके बारे में जानकर आप भी रोमांचित हो उठेंगे। आईपीएस अनंत देव के डर अपराधी खुद ही जेल चले जाते थे।

एक वक्त था जब चंबल में डकैतों के किस्से पूरी दुनिया में मशहूर हो जाया करते थे। गब्बर से लेकर फूलन तक और ददुआ से लेकर ठोकिया तक, बीहड़ के डाकुओं ने कानून को कुछ नहीं मानते थे।  उन्होंने जनता में पुलिस की गिरती छवि को दूर करने के लिए कम्युनिटी पुलिसिंग पर जोर दिया। इसीलिए, जिस भी जिले में तैनाती रही। वहां एस-10 बनाई। इसमें जनता ही शामिल है और लाभ ये मिला कि जहां यह टीम है, वहां कोई विवाद नहीं होता।

खूंखार डकैतों को मार गिराने के लिए अनंत देव महीनों चंबल में डेरा जमाकर बैठ गए थे। IPS अनंत की सबसे खास बात ये है कि बीहड़ और यूपी में दस्यु या गैंगेस्टर ही नहीं मा’रे बल्कि, मुंबई जाकर आतं’की को भी अपनी एके-47 से मा’र गिराए। वहीं कानपुर में कई अपराधियों को पहले अस्पताल और बाद में सलाखों के पीछे पहुंचाया।

अनंत बताते हैं, वह एएसपी एसटीएफ थे। उन दिनों डकैतों को खोजने के लिए 24 घंटे बिना खाए-पीए अपने कर्तव्य में लगे हुए थे। तभी चित्रकूट मानिकपुर के पास डाकू छोटा पटेल गिरोह से मु’ठभेड़ हो गई। उन्होंने चार ड’कैत मार गिराए गए। कुछ दिन बाद ठोकिया ने ऑपरेशन में लगे 6 जवानों को गो’ली मार दी। इसके बाद अनंत ने कसम खाई कि जब तक ठोकिया को ठोक नहीं देंगे, ददुआ को मार गिराने का जश्न नहीं मनाया जाएगा। इसके लिए टीम ने करीब 13 महीने तक जंगल की खाक छानी। 24 जवानों की टीम के साथ उन्होंने ठोकिया को मा’र गिराया। इस ऑपरेशन में डकैतों के 15 गैंग का सफाया किया गया।

 

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