जीवन में लालू हैं, कण-कण में लालू हैं, हर मन में लालू हैं, कोई कैसे जुदा करेगा – राबड़ी देवी

Quaint Media

New Delhi: राबड़ी देवी ने लालू की जुटाई में एक कविता लिखी है। लोकसभा चुनाव में अब सिर्फ कुछ ही दिन बाकी है। सभी पार्टी अपने-अपने दिग्ग्जों को मैदान पर उतारकर चुनावीं जं’ग लड़ने के लिए तैयार हैं। लेकिन राष्ट्रीय जनता दल चुनावों से ठीक पहले एक अलग ही असमंजस में फंसी हुई है। एक तरह जहां आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव जेल में बंद हैं तो वहीं दूसरी ओर उनके बड़े बेटे तेज प्रताप ने पार्टी के खिलाफ ही बिगुल फूंक दिया है। इन सभी बातों के बीच लालू यादव की पत्नी ने कविता से अपना दर्द बयां किया है। राबड़ी देवी ने ट्वीटर पर ट्वीट कर एक कविता लिखी है।

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राबड़ी देवी ने यह कविता खुद लिखी है। इस कविता के जरिए राबड़ी देवी ने मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है तो वहीं, दूसरी ओर लालू से अपनी जुदाई का गम भी जाहिर किया है।उन्होंने लिखा है- नैना थोड़े हैं नम , दिल में है ज़रा सा ग़म पर हिम्मत न टूटी, न हुआ है हौसला कम। बड़बोले पापी को लाएंगे ज़मीन पर हम , इस साज़िश का बदला बदलाव से लेंगे हम। कोई कैसे करेगा जुदा। कोई कैसे करेगा जुदा । जीवन में लालू है , जन जन में लालू है , कण कण में लालू है, हर मन में लालू है।

आरजेडी के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने परिवार और पार्टी के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। पहले तो उन्होंने अपनी पार्टी से अलग जाकर ‘लालू-राबड़ी मोर्चा’ के गठन का ऐलान कर दिया और अब उन्होंने अपने छोटे भाई और बिहार में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव को दो दिन का अल्टिमेटम दे दिया है। तेज प्रताप ने तेजस्वी को अल्टिमेटम देते हुए कहा है कि वह उनके दो उम्मीदवारों के बारे में फैसला करें या फिर वह खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाकर इन सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर देंगे।

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