बाप ने कहा-तेरे बच्चे का बाप एक दलित है..बच्चा गिरा दे लेकिन बहादुर महिला नहीं मानी

New Delhi: कहते हैं एक औरत लक्ष्मी, सरस्वती है तो वह दुर्गा और चंडी भी है। एक महिला जब मां बनती है तो वह चाहे तो कुछ भी कर सकती है। तेलंगाना में कुछ ऐसा ही मामला सामने आया जिसमें फर्जी शान के लिए जो किया वह हैरान करने वाला था। तेलंगाना के नालगोंडा में 5  महीने पहले ऑ’नर कि’लिंग किलिंग हुई थी। तब 23 साल के प्रणय की इसलिए ह’त्या कर दी गई थी, क्योंकि उसने सवर्ण लड़की अमृता से शादी की थी। क्योंकि लड़की का पिता नहीं चाहता था कि उनकी बेटी किसी दलित के बच्चे की मां बने। इसलिए उसने बेटी को अपना परिवार आगे बढ़ाने से रोक दिया। 

पिता ने बेटी को गर्भपात कराने के लिए कहा। जब अमृता नहीं मानी तो उन्होंने धमकियां देनी शुरू कर दी, पर अमृता ने इसकी परवाह नहीं की। उसने वही किया जो उसे सही लगा। अमृता गर्भवती हो चुकी थी।  जब चार महीने की गर्भवती थी, तो पिता से बर्दाश्त नहीं हुआ।  पिता ने  बेटी के सुहाग की जान ले ली। पित प्रणय की ह’त्या कर डाली। बेटी के  उसके ससुराल वालों को  भी धमकियां दी गईं। इन सबके के बाद भी अमृता कमजोर नहीं पड़ी और बच्चे को जन्म देने पर अडिग रही।

अमृता ने 30 जनवरी को एक बेटे को जन्म दिया है। उसने बेटे को जन्म देकर अपना संघर्ष अंजाम तक पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इस घटना को सोशल मीडिया पर जातिवाद पर जीत की मिसाल के तौर पर पेश किया जा रहा है। हैशटैग # इस तस्वीर को देखकर मुस्कराइए वायरल हो रहा। अमृता ने बताया, ‘मेरे अब दो ही मकसद हैं।  बेटे की अच्छी परवरिश और प्रणय को न्याय दिलवाना। समाज में जाति, क्षेत्र, धर्म के आधार पर जहर फैलाने वाले लोग ही ऐसा करते हैं।

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